मेरी पसन्द की दो लघुकथाएँ
आज अपनी पसंद की लघुकथा के बारे में बात करते समय मुझे ,कुछ बहुत ही महत्त्वपूर्ण और सार्थक लघुकथा याद आती हैं। मेरा मानना है कि लघुकथा लिखना, कोई स्वतः ही लिख जाने वाली प्रक्रिया नहीं है। बूँद बूँद...
View Articleसमसामयिक विषयों को वरीयता
लघुकथा विधा तेजी से भागते वर्तमान जीवन का अहम हिस्सा होती जा रही है, और खूब लिखी जा रही है। कभी -कभी कुछ लघुकथाएँ ठहरकर कुछ सोचने को मजबूर कर देती हैं। इक्कीसवीं सदी के चौथाई मुहाने पर खड़े होकर...
View Articleनींद की खुमारी से जगाने का फरमान है लघुकथा
मशहूर चित्रकार पिकासो किसी भी चित्र को उकेरते समय विचार को ही प्रबल समझते हैं। उनकी नजर में चित्र में विचार ही मूर्तिमान रहते हैं। आज का लघुकथा सृजन भी ऐसे उसी चित्र के समान ही विचारों का उत्प्रेषण...
View Articleलघुकथा का सृजन एक जटिल यात्रा
खेमकरण ‘सोमन’ जब लघुकथा डॉट कॉम के चर्चित स्तंभ ‘मेरी पसंद’ के लिए मैं स्तरीय लघुकथाओं की खोज कर रहा था, तब यात्राओं के विषय में अज्ञेय जी द्वारा कही गई एक बात अनायास ही मेरे दिमाग में गूँज उठी कि...
View Articleलघुकथा आकार में छोटी होते हुए भी गहन संवेदना-युक्त
लघुकथा आधुनिक हिंदी साहित्य की एक महत्त्वपूर्ण और प्रभावशाली विधा है। नाम से ही स्पष्ट है कि यह आकार में छोटी, किंतु अर्थ और प्रभाव में अत्यंत गहन कथा होती है। लघुकथा में सीमित शब्दों के माध्यम से...
View Articleमेरी पसंद की दो लघुकथाएँ
मेरी पसंद की दो लघुकथाएँ हैं- 1 ‘सलाम’ 2 ‘बस छूट गई’ इन दोनों लघुकथाओं पर क्रमशः मेरे विचार प्रस्तुत हैं। सुप्रसिद्ध साहित्यकार श्री योगराज प्रभाकर की लघुकथा ‘सलाम’ संक्षिप्त, प्रभावी और सोचने के लिए...
View Articleकम शब्दों में विस्तृत अर्थ
जिस प्रकार से काव्य विधा में कविता, छंद, चौपाइयों , दोहे में जो लोकप्रियता दोहों ने अर्जित की वह अन्य किसी को नहीं मिली। कम शब्दों में विस्तृत अर्थ समेटे दोहे के लघु आकार ने ही जनमानस को अपनी ओर...
View Articleमेरी पसन्द
मेरी पसन्द की दो लघुकथाएँ हैं-1-उजबक की कदमताल, 2- धरती में गड़ी स्त्रियाँ । इन दोनों लघुकथाओं पर क्रमशः मेरे विचार प्रस्तुत हैं- यशशेष मधुदीप की लघुकथा ‘उजबक की कदमताल’ समय, संबंधों और मानवीय...
View Articleसमकाल की विधागत प्रवृत्तियाँ
पसंद, मोटे तौर पर हमारी वैचारिक स्थिति और संवेदना के स्तर पर लिया गया तात्कालिक निर्णय होती है। फिर समय की कसौटी उसे बार-बार सार्थकता तथा प्रासंगिकता पर कसती रहती है। समकाल के नवाचार आपकी पसंद के...
View Articleक्लासिक लघुकथा: चरित्र में सन्निहित उसके यथार्थ का संधान
लघुकथा को पढ़ना केवल दो पृष्ठों का समय काटना नहीं है। यह छोटे वाक्यों में बड़े अनुभवों को पकड़ने की कला है। एक श्रेष्ठ या क्लासिक लघुकथा से अध्येता सबसे पहले यही देखना चाहेंगे कि क्या यह अपने कम...
View Articleमेरी पसन्द
लघुकथा हिंदी साहित्य की वह विधा है, जो कम शब्दों में अधिक अर्थ का संप्रेषण करती है। यह न केवल घटनाओं का संक्षिप्त आख्यान होती है, बल्कि मानव-मन, समाज और संवेदना के जटिल प्रसंगों को तीव्र और प्रभावशाली...
View Articleविडम्बनाओं पर प्रहार करती लघुकथाएँ
साहित्य में मानवीय मूल्यों का समावेश आवश्यक है । इसे मनुष्यता का उन्नायक और कल्याणकारी होना चाहिए । मेरी पसंद की चुनी हुई दोनों लघुकथाएँ इस दृष्टि से पूर्ण है। यह समाज की विडम्बनाओं पर करारा प्रहार...
View Articleआकार में सीमित होकर भी अर्थ में व्यापकता
कुछ रचनाएँ पढ़ते समय ऐसा प्रतीत होता है- मानो शब्द नहीं, अनुभूतियाँ चल रही हों—मौन, धीमी, परंतु गहराई तक उतरती हुई। लघुकथा भी ऐसी ही एक सघन विधा है, आकार में सीमित होकर भी अर्थ में व्यापक होती है।...
View Articleविधा के विकास में सहायक
हिन्दी गद्य साहित्य की बात करूँ तो इसमें ‘लघुकथा’ मेरी प्रिय विधा है। वर्तमान में लघुकथा अधिक लोकप्रिय विधा बन गई है। लघुकथाओं पर अनेक कार्यक्रम ऑनलाइन-ऑफलाइन होने लगे हैं, अधिवेशन हो रहे हैं, इस पर...
View Articleकुप्रथाओं का प्रतिकार करतीं लघुकथाएँ
लघुकथा लेखन/संपादन के वर्तमान दौर में बहुत- सी सशक्त लघुकथाओं से गुजरा हूँ, उनमे से भी कुछ मेरी पसंद के रूप में प्रस्तुत की जा सकती हैं,पर देश के वर्तमान राजनैतिक और सामाजिक परिदृश्य को देखते हुए...
View Articleनैतिक मूल्यों को बचाए रखने की अपील करती लघुकथाएँ
वर्तमान में साहित्य की सर्वाधिक लोकप्रिय एवं सशक्त विधा के रूप में स्थापित हो चुकी है लघुकथा। अज्ञेय कहते है- “लघुकथा एक कोमल एवं एकांगी विधा है जिसमें संयमता, सूक्ष्मता, सहजता और संक्षिप्तता का...
View Articleलघुकथा का व्यापक संदेश
लघुकथा एक लोकप्रिय विधा है। इसकी लोकप्रियता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि किसी भी साहित्यिक पत्रिका का अंक हाथ में आते ही सर्वप्रथम लघुकथा ही पढ़ी जाती है, भले ही पन्नों पर इसे सबसे कम महत्त्व...
View Articleमेरी पसन्द
मेरे द्वारा अब तक पढ़ी गई अनेक लघुकथाओं में से वैसे तो अनेक ने प्रभावित किया; परन्तु लघुकथा डाट. काम के स्तम्भ “मेरी पसंद” के लिए हमेशा से एक खिंचाव के चलते , ऐसी दो लघुकथाएँ अपनी...
View Articleमेरी पसन्द
मुनाफ़ाखोरी और पूँजीवादी व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष करती असगर वजाहत की ‘चार हाथ’ मेरी पसंदीदा लघुकथा है। मुनाफ़ाखोरी के चक्कर में मिल मालिक के दिमाग़ में दिन-रात यही घूमता रहता है कि किस प्रकार काम...
View Articleअभिव्यक्ति का सबसे सशक्त माध्यम है लघुकथाएँ
लघुकथा आज के समय की सबसे लोकप्रिय विधा है। लघुकथा समाज में फैली विसंगतियों, संवेदनाओं से पाठकों को रूबरू करवाती है। आज पाठक लघुकथा केवल इसलिए नहीं पढ़ते हैं कि वह आकार में छोटी होती है, वरन इसलिए भी...
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